भाजपा के विरोध में महागठबंधन में रार, झारखंड के इस सीट पर झाविमो और कांग्रेस में तकरार

झारखंड में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपानीत एनडीए के विरोध में महागठबंधन हो चुका है। भाजपा के विरोधी रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा जैसे दलों का साथ कांग्रेस को मिल चुका है। दो मार्च को रांची में हुई महागठबंधन की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे थे और चुनावी हुंकार भरी थी, लेकिन उनके रांची दौरे के दौरान भी सीटों को लेकर स्पष्ट बंटवारा नहीं हो सका है। क्षेत्र में भाजपा के कद्दावर नेता निशिकांत दुबे के विरोध में उतरने के लिए महागठबंधन में रार जारी है। 

     

झारखंड के गोड्डा लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। वर्तमान में यहां निशिकांत दुबे सांसद हैं, जिनकी इलाके में मजबूत पकड़ बताई जाती है। निशिकांत दुबे को कड़ी टक्कर देने के लिए महागठबंधन के घटक दलों को एकजुटता दिखानी जरुरी होगी, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं दिख रहा है। गोड्डा सीट के लिए यहां कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी झाविमो दोनों दावा ठोक रही है। कांग्रेस को पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो का भी साथ मिलता दिख रहा है।

झामुमो का साथ लेकर कांग्रेस के हौसले बुलंद

गोड्डा लोकसभा सीट पर झाविमो की ओर से पार्टी महासचिव प्रदीप यादव चुनाव लड़ना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर एक चर्चा यह भी चल रही है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का साथ लेकर कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। यह सीट किसे मिलनी है, इसकी अधिकृत घोषणा नहीं हुई है। जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी दिल्ली में आला नेताओं से मुलाकात कर वापस लौटे हैं और गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में उतारने की मांग की है। इरफान कहते हैं कि एक विधायक वाली झाविमो को दो लोकसभा सीट नहीं मांगना चाहिए।

निशिकांत के लिए प्रचार कर आए हैं अमित शाह

भाजपा की ओर से सीटिंग सांसद निशिकांत दुबे को टिकट मिलना लगभग तय है। उनके विरोध में महागठबंधन की ओर से मजबूत दावेदारी जरुरी है। बीते दो मार्च को निशिकांत के पक्ष में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एक तरह से प्रचार कर आए हैं। योजनाओं के शिलान्यास के बहाने पहुंचे अमित शाह ने अपनी रैली के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश फूंका था। ऐसे में अगर महागठबंधन के घटक दलों में आपस में ही रार चलती रही, तो उनके लिए गोड्डा का किला फतह करना मुश्किल हो सकता है। 
 
 
 
 
 
 
साभार अमर उजाला

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