69000 शिक्षक भर्ती घोटाला उत्तर प्रदेश का व्यापम-युवा मंच सीबीआई जांच की मांग

प्रयागराज, 10 जून 2020, 13 मई को 69000 शिक्षक भर्ती के रिजल्ट जारी होने के सोशल मीडिया में टापर्स के प्राप्तांक और उनके टीईटी व ऐकेडमिक रिकॉर्ड के वायरल होने, कई परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल सहित परत दर परत धांधली के मामलों के उजागर होने से परीक्षा के दिन से ही युवा मंच व छात्रों द्वारा पेपर लीक व धांधली के लगाये गए आरोपों की ही पुष्टि हुई है। सोशल मीडिया में छात्रों द्वारा चलाये गये कैंपेन को मिले व्यापक समर्थन और धांधली के मामलों के उजागर होने के बाद अब जब भ्रष्टाचार का यह मामला प्रदेश का राजनीतिक मुद्दा बन गया, तब पूरे मामले में लीपापोती करने के लिए एसटीएफ जांच कराई जा रही है। अगर सरकार में जरा सा भी ईमानदारी है तो भर्ती प्रक्रिया को रोक कर कम से कम समयावधि में सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाती और पेपर लीक व धांधली के आरोप न्यायालय में दाखिल युवा मंच व अभ्यर्थियों की तरफ से याचिकाओं का जल्द से जल्द निस्तारित करा कर न्यायालय के निर्णय के अनुरूप सरकार इस भर्ती के मामले में निर्णय लेती। विवादों को हल करा कर भर्ती को पूरी कराने का इसके अलावा और कोई भी उचित विकल्प नही है सरकार भले ही दावा करे कि प्रदेश में सत्ता में आने के बाद से भर्ती प्रक्रिया में तेजी आयी है लेकिन सच्चाई यह है कि भर्तियों को लटकाये रखने और भ्रष्टाचार में पहले से भी ज्यादा ईजाफा ही हुआ है। उक्त बातें युवा मंच के अनिल सिंह ने छात्रों से वर्चुअल जन संवाद करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचारियों का संरक्षण देने और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं पर दमनचक्र की नीति से बाज आये, अन्यथा इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महामारी के मद्देनजर उन्होंने किसी तरह के धरना प्रदर्शन का आवाहन नहीं किया है लेकिन सोशल मीडिया में इसके खिलाफ कैंपेन जारी रहेगा और अगर सरकार ने इसे भी रोकने की कोशिश की तो मजबूरन छात्रों को आंदोलन के दूसरे तरीको को भी अख्तियार करना पड़ सकता है, इसके लिए योगी सरकार जिम्मेदार होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>