69000 शिक्षक भर्ती की नियुक्ति प्रक्रिया पर युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने लगाए आरोप


 

प्रयागराज, 16 अक्टूबर 2020, 31277 सहायक अध्यापकों को नियुक्त पत्र वितरण के वक्त अपने संबोधन में मुख्यमंत्री द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ही भेदभाव रहित और पारदर्शी भर्ती बताने के दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने 37 हजार पदों को शिक्षा मित्रों के लिये रिजर्व रखने का आदेश जारी किया था और शेष पदों पर सरकार अगर चाहे तो नियुक्ति दे सकती है, इसका अभिप्राय यह कतई नहीं हो सकता कि जिला आबंटन 67 हजार सीट के आधार पर करने के बाद जिलावार मनमाने ढंग से सीटे कम कर दी जायें। दरअसल अगर नियुक्ति करना ही था तो जिला आबंटन भी नये सिरे से 31277 पदों के लिए प्रदेशस्तरीय मेरिट के आधार पर किया जाना चाहिए था। स्वतः स्पष्ट है कि नियमों को ताक पर रख कर नियुक्ति दी जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की भी गलत व्याख्या की जा रही है लिहाजा जिस तरह कट ऑफ का मामला अभी तक हल नहीं हुआ है उसी तरह इस मनमाने चयन प्रक्रिया से नये विवाद पैदा होंगे और यह भर्ती न्यायिक प्रक्रिया के पचड़े में अरसे तक उलझी रह सकती है। दरअसल अगर जिला आबंटन भी 31277 सीट के लिए भी प्रदेशस्तरीय मेरिट के आधार पर किया गया होता तो यह परिस्थिति नहीं पैदा होती जिसमें कम मेरिट के अभ्यर्थी चयनित हो गए हैं और मेधावी चयन से वंचित हो गए हैं। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि शेष बचे अभ्यर्थियों को झांसा दिया जा रहा है कि अगले चरण में उनकी भी नियुक्ति हो जायेगी, लेकिन यह तो तभी संभव है जब शिक्षा मित्रों के विरुद्ध निर्णय आये अन्यथा 40/45 कट ऑफ की स्थिति में अन्य अभ्यर्थियों का चयनित होना संभव नहीं है।