कम्पनियों ने डाटा चोरी किया तो लगेगा जुर्मना

मोदी सरकार ने प्रिवेसी की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डेटा प्रॉटेक्शन बिल 2019 को बुधवार को मंजूरी दी। इस बिल को संसद के मौजूदा सत्र में पास किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इससे जुड़ा बिल तैयार करने को कहा था। इस बिल को संसद से मंजूरी मिलने के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों को भारत से जुड़े यूजर्स का संवेदनशील डेटा भारत में ही रखना होगा। कौन-कौन से डेटा संवेदनशील होंगे, इसे सरकार तय करेगी। सरकार का तर्क है कि ये कंपनियां देश के अंदर कानूनी प्रक्रिया से इसलिए बच जाती हैं क्योंकि इनका लाइसेंस देश के अंदर से नहीं लिया गया है। सरकार के अनुसार, बिल में तमाम देशों से जुड़े कानून की समीक्षा कर एक नया कानून बनाया गया है। सबसे ज्यादा फोकस डेटा को साझा करने में लोगों की सहमति लेने पर दिया है। हालांकि इस बिल से जुड़े कुछ लोगों
को आशंका है कि सरकार को राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामले में कई अधिकार देने की बात है, जिसका दुरुपयोग होने का खतरा है।

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